जिन व्यक्तियों के हाथ की उंगलियां चौड़े सिरों वाली यानी सिरे पर से पहले एवं दूसरे जोड़ की अपेक्षा अधिक चौड़ी होती हैं, ऐसे व्यक्ति में कर्म करने की तीव्र इच्छा रहती है। ये व्यक्ति खाली नहीं बैठ सकते लेकिन अस्थिर प्रवृत्ति के होते हैं। ऐसे व्यक्ति जन्मजात नेता और यात्रा प्रेमी तथा जीवन में बदलाव के पक्षपाती भी होते हैं। ऐसे व्यक्ति आविष्कारक एवं यांत्रिक दक्षता वाली प्रवृत्ति के होते हैं। विस्तार, शोध एवं अनुसंधान से इन्हें विशेष प्रेम होता है।
सफल राजनेताओं की कुंडली में राहू का संबंध छठे, सातवें, दसवें एवं ग्यारहवें घर से देखा गया है। कुंडली के दसवें घर को राजनीति का घर कहते हैं। सत्ता में भाग लेने के लिए दशमेश या दशम भाव में उच्च का ग्रह बैठा होना चाहिए। साथ ही गुरु नवम में शुभ प्रभाव में स्थिति होने चाहिएं। दशम घर या दशमेश का संबंध सप्तम घर से होने पर व्यक्ति राजनीति में सफलता प्राप्त करता है। छठे घर को सेवा का घर कहते हैं। व्यक्ति में सेवाभाव होने के लिए इस घर से दशम-दशमेश का संबंध होना चाहिए।

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