1. अगर आपको पितरों का श्राद्ध करना है, तो इस बात का ध्य़ान रखें कि इन दिनों में ब्रह्मचर्य का पूरा पालन करें। इन दिनों में मांस-मदिरा का सेवन न करें तो बेहतर है।
2. पितृ पक्ष के दौरान चना, मसूर, सरसों का साग, सत्तू, जीरा, मूली, काला नमक, लौकी, खीरा एवं बांसी भोजन नहीं खाना चाहिए।
3. अगर आप अपने पितरों का तर्पण कर रहे है, तो गया, प्रयाग जाकर करें या फिर अपने घर पर करें। घर का मतलब कि वह आपका खुद का घर हो किराए में लिया हुआ न हो।
4. शास्त्रों में कहा गया है कि इन दिनों में आपके पूर्वज किसी भी रुप में आपके द्वार में आ सकते है। इसलिए किसी को भी घर से निरादर कर भगाएं नहीं।

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