कहा जाता है की उस गाँव की काफी पुरानी परम्परा है की पुरुष परदे में रहे और महिलाये बेपर्दा। यहां महिलाओं को शादी से पहले कई मर्दो से संबंध बनाने की इजाजत है। वो अपनी मर्जी से किसी भी मर्द के साथ शादी कर सकती है। इतना ही नहीं, शादी के बाद भी वह किसी गैर मर्द के साथ संबंध बना सकती हैं। तथा महिलाये अपनी इच्छा अनुसार शादी करती है और अपनी इच्छानुसार तलाक ले लेती है। लेकिन पुरुष किसी अन्य महिला से संबंध नहीं बना सकता।
महिलाओ को शर्म और लिहाज का गहना माना जाता है। लेकिन इस गाँव में सब कुछ अलग ही है। यहाँ पर जवान पुरुष को अपना चेहरा ढककर रखना पड़ता है। इस गाँव में शादी होना और तलाक होना रोज की आम बात हो गई है। यदि किसी महिला को तलाक मिलता है महिला के घरवाले जश्न मानते है। यदि किसी पुरुष को कोई काम करना होता है तो महिला से उसे परमिशन लेनी पड़ती है।



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