मांगलिक कार्यों में पुरुष हो या महिला जानिए क्यों पहनते हैं रंगीन कपड़े!


भारत रीति-रिवाजों और परंपराओं का देश है। और यह सब कुछ सदियों से चलता आ रहा है। कई रीति-रिवाज और परंपराएं वर्तमान में भले ही प्रासांगिक न हों लेकिन बदस्तूर ये है कि ये...जारी हैं।

लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि इन परंपराओं के पीछे कोई न कोई प्रयोजन रहा है। शास्त्रों में कहा गया है कि विधवाओं द्वारा सफेद साड़ी पहनना चाहिए। सफेद रंग शांति और सादगी का प्रतीक है। विधवाओं को सफेद साड़ी पहनना इसीलिए कहा गया है कि वह सांसारिक माया-मोह को छोड़कर सिर्फ और सिर्फ ईश्वर भक्ति में अपना मन लगाएं। सफेद रंग को एकाग्रता का प्रतीक माना गया है।

वहीं, रंगीन कपड़ों का उपयोग शुभ मांगलिक कार्यों में ही किया जाता है। रंगीन कपड़े भौतिकता की ओर इंगित करते हैं। यह खुशी, समृद्धि और संपन्नता के प्रतीक माने जाते हैं। यही कारण है कि महिला हो या पुरुष मांगलिक कार्यों में रंगीन कपड़े पहनते हैं।

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