शरीर पर कोई धार्मिक चिह्न का टैटू बनवाते है तो उसका असर आपके मन पर होता है। जैसे अगर आप अपने शरीर पर ओम या स्वास्तिक का टैटू बनाते है तो ये तभी असर करेगा जब टैटू की सही आकृति बनाई गई हो। सही आकृति में बनाया गया टैटू बनाने से आपका मन प्रसन्न रहेगा, कॉन्फिडेन्स बढ़ेगा, काम बनेंगे, सफलता मिलेगी।
लेकिन अगर टैटू बनाते वक़्त कुछ नया करने के चक्कर में अगर ओम या स्वास्तिक की आकृति को बिगाड़ दिया जाये तो ये फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकते है। ऐसे टैटू का निगेटिव प्रभाव आपके मन पर, शरीर पर और व्यवहार पर आना तय है।
ऐसे टैटू बनाने से सबसे पहले इसका असर मन पर होता है, उसके बाद मन में निगेटिव सोच बढ़ सकती है। अचानक आप टेंशन में रहने लग सकते हैं। अचानक आपका व्यवहार बदलने लग सकता है।
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