उसने आईफोन और आईपैड में बच्चों को सिखाने वाले एप को डेव्लहप किया है। इसके जरिए बच्चे 100 जानवरों के नाम और उनकी बोलियां सीख सकते हैं। एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक अवनिता को 7 साल की उम्र में ही मोबाइल एप बनाने की इच्छा जाग्रत हो गई थी। वो यह काम किसी डेव्हलपर से सीखना चाहती थी, लेकिन उसके पिगी बैंक (अल्प-बचत) में इतने पैसे नहीं थे, कि वो किसी डेव्हलपर को हायर कर सके। लेकिन उसकी सीखने की चाहत ने सारे रास्ते खोल दिए और उसने यूट्यूब आदि की कोडिंग सीखकर ऑनलाइन एप डेव्हलप करने की प्रोग्रामिंग सीखी।
एप डेव्हलपिंग के बारे में पूछे जाने पर वह कहती है कि ये काम बहुत मुश्किल था, लेकिन काम के प्रति जब रुचि हो तो कोई भी काम आसान हो जाता है। उसका डेव्हलप किया गया एप स्मार्टकिन्स एनिमल 100 से ज्यादा जानवरों के नाम और उनकी आवाज़ पहचानना बच्चों को सीखा सकता है। तथा दूसरा एप स्मार्टकिन्स कलर्स बच्चों को रंगों कि पहचान करना सिखाता है। वह नियमित स्कूल पढाई के साथ एप डिज़ाइन पर भी काम करती रहती है, गत गर्मियों कि छुट्टी में उसने एक एप ‘गोल्सहाई’ बनाया था, जिसके लिए उसे 10,000 डॉलर अर्थात करीब 6.5 लाख रु. का इनाम भी मिला था।
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