सूर्य मुद्रा कैसे करते हैं:
सूर्य की उंगली यानी 'अनामिका' जिसे रिंग फिंगर भी कहते हैं उसे हथेली की ओर मोड़कर अंगूठे से दबाएं। बाकी बची हुई तीनों उंगलियों को बिल्कुल सीधी रखें। इस प्रकार बनने वाली मुद्रा को सूर्य मुद्रा कहा जाता है। सूर्य मुद्रा को लगभग 8 से 15 मिनट तक करना चाहिए, इसे ज्यादा देर तक करने से शरीर में गर्मी बढ़ जाती है। सर्दियों में इस मुद्रा को ज्यादा से ज्यादा 24 मिनट तक किया जा सकता है।
सूर्य मुद्रा कैसे फायदेमंद हैं:
1. मोटापे से पीड़ित लोगों के लिए यह मुद्रा करना बेहद फायदेमंद होता है, सूर्य मुद्रा करने से वज़न कम होता है और शरीर भी संतुलित रहता है।
2. जिन महिलाओं का प्रसव के बाद मोटापा बढ़ जाता है वह अगर इस मुद्रा को नियमित रुप से करें तो उनका शरीर बिल्कुल पहले जैसा हो जाता है।
3. सूर्य मुद्रा का अभ्यास दिन में दो बार 15 मिनट के लिए करना चाहिए। यह शरीर का कोलेस्ट्रॉल घटाने में सहायक होता है।
4. रोज़ाना सूर्य मुद्रा करने से शरीर में गर्मी पैदा होती है और ऊर्जा बढ़ती है।
5. सूर्य मुद्रा को नियमित करने से मानसिक तनाव, भय, शोक आदि दूर रहते हैं व दिमाग शांत बना रहता है।

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