भोलेनाथ को इस रंग के फूल नहीं चढ़ाए जाते, पूजा में ध्यान रखे ऐसी बातें


क्या आप जानते है की ऐसी बहुत ही चीजें हैं जो दूसरे देवताओं की पूजा में तो इस्तेमाल होती हैं लेकिन भगवान शिव की पूजा में उनका इस्तेमाल वर्जित माना जाता है। आइये जानते है महाशिवरात्रि के मौके पर भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए उनकी पूजा में किन वस्तुओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.....

➔ तुलसी भी बेहद पवित्र मानी जाती है और सभी देवकार्यों में इसका प्रयोग होता है लेकिन तुलसी को भगवान शिव पर चढ़ाना मना है। ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्हें इस बात की जानकारी नहीं है और वे भोलेनाथ की पूजा में तुलसी का इस्तेमाल करते हैं जिस वजह से उनकी पूजा पूर्ण नहीं होती।

➔ भोलेनाथ को लाल रंग के फूल नहीं चढ़ाए जाते. साथ ही केतकी और केवड़े के फूल चढ़ाना भी मना है। भगवान शिव को सफेद रंग के फूल चढ़ाने चाहिए. इससे वे जल्दी प्रसन्न होते हैं।

➔ शिव जी की पूजा में नारियल का इस्तेमाल तो कर सकते हैं लेकिन शिवलिंग पर नारियल का पानी नहीं चढ़ाना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि शिवलिंग पर चढ़ाई जाने वाली सारी चीज़ें निर्मल होनी चाहिए यानि जिसका सेवन ना किया जाए।

➔ भगवान भोलेनाथ पर हमेशा पीतल, कांसे या अष्टधातु से बर्तन या लोटे से ही जल चढ़ाना चाहिए लोहे या स्टील के बर्तन से नहीं।

➔ हिंदू धर्म में शंख को बहुत ही पवित्र माना जाता है और पूजा के लगभग सभी कार्यों में शंख का प्रयोग होता है लेकिन शिवलिंग पर शंख से जल नहीं चढ़ाना चाहिए। ऐसा करना वर्जित है।

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