डकार क्यों आती है? जानिए डकार आना सही है या गलत


आम तौर पर लोग समझते हैं कि डकार आ गई, मतलब पेट भर गया और कुछ लोग इसे बदहजमी की शिकायत कहते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। डकार आना शारीरिक क्रिया का एक अंग है। कूकर में जैसे दाल या सब्जी पकाते समय गैस ज्यादा बन जाती है तो सेफ्टी वॉल्व अपने आप सीटी देने लगता है, उसी तरह से पेट में इकट्ठा गैस आवाज के साथ जब मुंह व गले के सहारे बाहर निकलती है तो उसे डकार आना कहा जाता है। डकार आना कहा जाता है जो पेट भरने का परिचायक नहीं है।

डकार आने पर आवाज का कारण :- जब इकट्ठा वायु पेट से भोजन नली में आती है तो एक तरह का कंपन करने लगती है जो गले और मुंह से बाहर निकलने पर आवाज करती है। अगर पेट की वायु बाहर निकलने पर कंपन न करे तो आवाज नहीं होगी, जो असंभव है क्योंकि यह स्वाभाविक शारीरिक क्रिया है।

डकार न आने पर :- अगर डकार न आए यानी मस्तिष्क पेट में एकत्रित गैस को बाहर निकालने के लिए आदेश देने में कुछ देरी कर रहा है तो हमें बेचैनी होने लगती है।

अगर डकार न आए तो :- पेट में अक्सर दर्द की शिकायत रहने लगती है। भूख कम लगने लगती है। पाचन क्रिया शिथिल पड़ जाती।

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