ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पुरुष का सीना करता है उसके भाग्य का निर्धारण


भारत की प्राचीन विद्याओं में से एक सामुद्रिक शास्त्र, जिसे लक्षण शास्त्र के नाम से भी जाना जाता है, एक विस्तृत और वृहद विषय है। शारीरिक अंगों की बनावट और व्यक्ति के हाव-भाव से कैसे और किस तरह उसके स्वभाव या चरित्र को समझा जा सकता है, यह बात सामुद्रिक शास्त्र की सहायता से बहुत आसानी से समझा जा सकता है। पुरुषों का व्यक्तित्व निखारने में तो उनके सीने का काफी योगदान होता ही है लेकिन उनका सीना उनके भाग्य का निर्धारण कैसे करता है, यह हम आपको बताते हैं।

➩ सामुद्रिक शास्त्र की मानें तो जिन पुरुषों का सीना एकदम समतल होता है वह आर्थिक दृष्टिकोण से काफी संपन्न होते हैं। परंतु ऐसे लोग सामाजिक रूप से भावुक ना होकर व्यवहारिक होते हैं और इनके अंदर मौलिकता की काफी कमी होती है।
➩ जिन पुरुषों के सीने में काफी उभार होता है उन पुरुषों को जीवन में हर प्रकार का सुख मिलता है। ऐसे पुरुष साहसी और पराक्रमी होते हैं।
➩ पुरुषों के सीने पर बाल होना एक शुभ लक्षण माना गया है। जिन पुरुषों के सीने पर बाल होते हैं वे दयालु और भाग्यशाली होते हैं।
➩ जिन पुरुषों के सीने पर बिल्कुल बाल नहीं होते वे किसी के विश्वासपात्र नहीं बन पाते। चौड़े सीने वाले पुरुष भी काफी साहसी होने के साथ-साथ अपने दम पर मुकाम हासिल करने वाले होते हैं।
➩ जिस पुरुष का सीना एक तरफ से चौड़ा और एक तरफ से छोटा होता है तो ऐसा व्यक्ति काफी चालाक होता है।
➩ कठोर सीने वाले पुरुष जीवन में सुख तो खूब भोगते हैं लेकिन उनके भीतर अहंकार की भावना भरपूर होती है।
➩ सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार ऊंचे सीने वाले पुरुषों को सबसे ज्यादा दुर्भाग्यशाली माना गया है। माना जाता है ऐसे पुरुषों की अकाल मृत्यु होने का खतरा रहता है।

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