➣ अन्नादि के भंडार कक्ष का द्वार दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए।
➣ अगर वायव्य कोण में अन्न कक्ष या अन्न भंडार गृह बनाया जाता है तो अन्न की कभी कमी नहीं होती है। घर में धन-धान्य बना रहता है।
➣ अन्न कक्ष या अन्ना भंडार गृह में डिब्बे या कनस्तर को खाली नहीं रहने दें। अगर कोई डिब्बा पूरी तरह खाली हो रहा हो तो भी उसमें कुछ मात्रा में अन्न बचा देना चाहिए। यह समृद्धि के लिए जरूरी माना जाता है।
➣ अन्न भंडार कक्ष में घी, तेल, मिट्टी का तेल एवं गैस सिलेंडर आदि को दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना चाहिए।
➣ रोज उपयोग में आने वाले खाद्यान्न को कक्ष के उत्तर-पश्चिमी भाग में रखा जाना चाहिए।
➣ संयुक्त भंडार कक्ष भवन के पश्चिमी अथवा उत्तर-पश्चिमी भाग में बनाया जाना चाहिए।
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