2000 के नोट पर छपे मंगलयान यान से जुड़ी कुछ रोचक बातें


भारतीय बाजार में शुरू हुऐ 2000 के नोट के  बारे में आपने काफी सुना होगा। पहली बार गुलाबी रंग में जारी होने वाले इस 2000 के नोट के पीछे भारत देश की उपलब्धियों की झलक भी देखने को मिलती है। इस पर स्वच्छता को बढ़ावा और पहली बार मंगल पर गए अंतरिक्षयान की तस्वीर है। पर क्या आपको मंगल मिशन के बारे में जानकारी है..आज हम आपको मंगल मिशन के बारे में कुछ जरूरी बातें बता रहें है...

4 सिंतबर 2014, बुधवार के दिन भारत ही नहीं विश्व के इतिहास में याद रखा जाएगा।अपने पहले प्रयास में ही 67 करोड़ किमी का सफर तय करतके भारतीय मंगलयान ने सीधे मंगल ग्रह की कक्षा में प्रवेश कर लिया था। इसका नाम मार्स ऑर्बिटर मिशन यानी MOM था।मंगल पर जाने के लिए तकरीबन 51 मिशन छोड़ जा चुके थे, जिनमे से केवल 21 ने ही सफलता पायी थी। लेकिन पहले ही प्रयास में सफलता पाने वाला चीन व अमेरिका जैसे विकसित देश की बजाय भारत है।
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भारतीय मंगल यान ने अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के मावेन मिशन के मंगल की कक्षा में पहुंचने के ठीक 48 घंटे बाद ही प्रवेश करने में सफलता पा ली। भारत ने इस मिशन पर करीब 450 करोड़ रुपए खर्च किए है,जो नासा के मावेन मिशन के खर्च का 10वां हिस्सा ही है। मंगलयान ने कई और मामलों में भी सफलता के नए स्तंभ स्थापित किए हैं।गौरतलब है कि भारत एशिया करा पहला देश है जिसने मंगल पर सफलता प्राप्त की है, इससे पहले चीन और जापान भी अपने यान भेज चुके है लेकिन वे असफल रहे है। दुनिया में सिर्फ अमेरिका, रूस और यूरोपीय यूनियन ने अब तक मंगल पर कामयाब मिशन भेजे हैं।
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