नाबालिग वेश्याओं का दर्द, हवस का भूखा ग्राहक है इनका जीवन..!


इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताना चाहते है की जिस उम्र मे बच्चियों को खेलना चाहिए उस उम्र में कुछ घटिया किसम के लोग उन्हें अपने हवस का शिकार बना देते है।  लेकिन इनके जीवन में खिलौनों की कोई जगह नहीं है, क्योंकि इन्हें हर दिन 15 से 20 लोगों की हवस का शिकार होना पड़ता है। हर दिन अपने बचपन को भूलकर अपने ग्राहक को खुश करना होता है....

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ग्राहकों को खुश करके ही इन मासूमो की जिंदगी चलती है! यह अपना जिस्म बेचकर तीन वक़्त के खाने का इंतजाम करते है! इन मासूम को इतनी छोटी सी उम्र में कुछ घटिया इंसान अपनी हवस का शिकार बना लेते है! इनके बचपन को कुचल दिया जाता है! इतना करने के बाद भी इन्हें पुरे पैसे नही दिए जाते,बल्कि जिस अधेड़ महिला के अंडर में वे रहती हैं, उनके पास जाते हैं। और इन्हें कुछ 10 से 12 डॉलर ही मिल पाते है जिससे इन्हें गुजरा करना पड़ता है।   

इन्हें यहां ‘बाबू’ कहा जाता है। पुरुष प्रधान समाज में ये वेश्यावृत्ति करने वाली लड़कियों की जिंदगी किसी नर्क में रहने से कम नही है! इन्हें आये हुए ग्राहकों को खुश करना पड़ता है उसके लिए इन्हें कुछ भी करने को कहा जा सकता है! ग्राहक को खुश करने के लिए इन्हें कई तरीके भी सिखाये जाते है! इन्हें एक और परेशानी का सामना करना पड़ता है! वो है इनके ग्राहकों को खुश करना! 

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इन्हें वेश्या बनने पर मजबूर करने वाले ये समाज में रह रहे लोग ही है,जो इन्हें इस्तेमाल करके अपने आपको इज्जतदार इंसान घोषित करते है! वह शायद भूल गए है की यह बच्चिया वेश्या इसलिए बन गयी क्यूंकि तुम इज्जतदार नही हो!

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