वृद्ध:- अगर रास्ते में कोई वृद्ध स्त्री का पुरुष आ जाए तो स्वयं पीछे हटकर उसे पहले मार्ग दे देना चाहिए। वृद्ध लोग सदैव सम्मान के पात्र होते हैं, उन्हें किसी भी स्थिति में अपमानित नहीं करना चाहिए।
रोगी :- रोगी व्यक्ति दया व स्नेह का पात्र होता है। यदि रास्ते में कोई रोगी सामने आ जाए तो उसे पहले जाने देना ही शिष्टता है। संभव है रोगी उपचार के लिए जा रहा हो उपचार में देरी से रोगी को किसी विकट परिस्थिति का सामना भी करना पड़ सकता है।
बोझ उठाए हुआ व्यक्ति :- यदि मार्ग पर एक ही व्यक्ति के निकलने का स्थान हो और सामने बोझ उठाए हुआ व्यक्ति आ जाए तो पहले उसे ही जाने देना चाहिए। ऐसा हमें मानवीयता के कारण करना चाहिए।
स्त्री :- यदि मार्ग में कोई स्त्री आ जाए तो स्वयं पीछे हटकर पहले उसे ही जाने देना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि हिंदू धर्म में स्त्री को बहुत ही सम्माननीय माना गया है। स्त्री का अनादर करने से धन की देवी लक्ष्मी व विद्या की देवी सरस्वती दोनों ही रूठ जाती हैं और ऐसा करने वाले के घर में कभी निवास नहीं करती।
स्नातक :- यदि कोई ऐसा व्यक्ति जिसे वेद-वेदांगों का संपूर्ण ज्ञान हो और वह सामने आ जाए तो उसे पहले जाने देना चाहिए। क्योंकि ऐसा ही व्यक्ति समाज में ज्ञान की रोशनी फैलाता है। इसलिए वह हर स्थिति में आदरणीय होता है।
दूल्हा :- मनुस्मृति के अनुसार, दूल्हा यानी जिस व्यक्ति का विवाह होने जा रहा हो वह आपके मार्ग में आ जाए तो पहले उसे ही जाने देना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि दूल्हा बना व्यक्ति भगवान शिव का स्वरूप होता है इसलिए वह भी सम्मान करने योग्य कहा गया है।
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