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एलियंस पर अपनी रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है की बहुत समय पहले सुदूर अंतरिक्ष से परग्रहवासी इस धरती पर आये थे और इस धरती की महिलाओं के जरिए संतान को जन्म दिया था, ब्लड ग्रुप नेगेटिव वाले लोग इन ही परग्रहवासियों के वंशज हैं। इस थ्योरी के अनुसार 85 प्रतिशत पोजेटिव ब्लड ग्रुप वाले लोग बंदर से मानव वाले विकास क्रम में आते हैं, लेकिन अन्य 15 से 16 प्रतिशत लोग किसी अलौकिक वंश में शामिल होते हैं।
जानकारी के लिए हम आपको यह भी बता दें की एच आर पोजेटिव वाली मां शरीर किसी भी एच आर निगेटिव बच्चे को अस्वीकार कर देता है और इससे बहुत से बच्चों की मौत भी हो चुकी है। विज्ञान भी यह मानता है की मानव विकास की प्रक्रिया में एच आर नेगेटिव ब्लड ग्रुप वाले लोगों की मौजूदगी प्राकृतिक नहीं है।
यह थ्योरी हमको सुमेरियन समय में ले जाती है, जब एक एलियन किसी अन्य आकाश गंगा से सफर करता हुआ धरती पर आया था और उसने यहां पर प्रथम अनुनाकी व्यक्ति को पैदा कर अनुनाकी समाज को निर्मित किया था।
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इन अनुनाकी लोगों ने ही विश्व की पहली सुमेर सभ्यता की नींव रखी और उसको संसार में स्थापित किया। ऐसा भी कहा जाता लोगों ने योजना बना कर उस समय की आदिम जातियों के गुणसूत्र में परिवर्तन कर दिया था। इस तरह कई परिकल्पनाएं और वर्तमान में ब्लड ग्रुप वाली खोज अपने में काफी रहस्य समेटे हुए हैं।

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