नहाते समय ये गन्दी हरकत करने के कई फायदे


यदि आपको किसी ऐसे व्‍यक्‍ित के बारे में पता चले जो नियमित रूप से नहाते हुए सूसू करता है, तो आप कैसी प्रतिक्रिया देंगे। जाहिर है कि आप उसे अच्‍छी नजरों से नहीं देखेंगे आप उस काम को गन्दा मानोगे। मगर, इस खबर को पढ़ने के बाद हो सकता है कि आपका नजरिया ही बदल जाए। दरअसल, अधिक से अधिक लोग अब नहाने के दौरान ही सूसू कर रहे हैं। यह चलन तेजी से बढ़ता जा रहा है। इसके ये फायदे हैं, जानते हैं इनके बारे में...

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यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्‍ट एंग्लिया के दो छात्रों ने इस योजना की शुरूआत की और उन्‍होंने ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों को प्रेरित किया कि वे भी शॉवर लेने के दौरान सूसू किया करें। औसतन हर फ्लश की कॉस्‍ट करीब दो पेंस की बर्बादी। यद‍ि हर कोई सुबह के इस पानी की बर्बादी को रोक सके, तो वह 730 रुपए बचा सकता है। यूईए के मामले में छात्रों ने गणना कर अनुमान लगाया है कि यदि हर छात्र कैंपस की इस गतिविधि में हिस्‍सा लेता है, तो सालाना 18 लाख रुपए तक की बचत हो सकती है।

हर बार टॉयलेट जाने के बाद जब आप फ्लश चलाते हैं, तो करीब 12 लीटर पानी की बर्बादी होती है। यदि ब्रिटेन में हर कोई शॉवर लेने के दौरान ही टॉयलेट कर ले, तो करीब 72 करोड़ लीटर पानी की बर्बादी रोकी जा सकती है।

काफी समय से बहस चल रही है कि क्‍या टॉयलेट पेपर अधिक प्रभावी और हाईजेनिक हैं। न्‍यूयॉर्क की एक मैग्‍जीन में लिखा था- आप थोडी़ चॉकलेट मेज पर लगा दीजिए। फिर सूखे टॉवेल से उसे पोछ दीजिए। इसके बाद भी दरारों में चॉकलेट लगी हुई मिलेगी। टॉयलेट पेपर के साथ भी ऐसा ही है। शॉवर के दौरान सूसू करने से शरीर की अच्‍छी तरह सफाई भी हो जाती है।

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